आत्माओं से बात करने का पांचवां तरीका आप भी जानिए..

चेतावनी :
 यह आस्‍था और अंधविश्वास का मामला है। यह महज मनोरंज भी हो सकता है और हो सकता है कि यह आपके लिए खतरनाक सिद्ध हो। कहते हैं कि बुलाना आसान है पर भेजना मुश्किल होता है। कई बार बुलाई गई आत्मा वापस नहीं जाती है। माना जाता है कि वापस नहीं जाने वाली आत्माएं आपके जीवन में होनी और अनहोनी घटनाओं को अंजाम देने लगती है।

 

हो सकता है कि नहीं लौटने वाली आत्मा कि उपस्थिति से आपका जीवन एक नर्क बन जाए। यह भी कहा जाता है कि ऐसे लोगों का मुकाम दवाखाना, पागलखान या कैदखाना होता है। हो सकता है कि आत्मा को बुलाने के चक्कर में कोई आत्महत्या ही कर ले या उसकी हत्या ही हो जाए। पाठक कृपया अपने स्वविवेक से काम लें। यह लेख समाज में प्रचलित बातों की सिर्फ जानकारी हेतु है।

खुद बनें माध्यम : एक तरीका यह है कि प्रयोगकर्ता खुद ही आत्मा का माध्यम बन सकता है। इसके लिए वह पहले एक टेबल लगी कुर्सी पर बैठ जाए। टेबल पर एक कोरी शिट रख ले और फिर वह हाथ में एक पेंसिल हल्के से पकड़कर रखे। इसके बाद वह आत्मा का आह्‍वान करें। 

 
कुछ देर बाद ही उसके हाथ पर भारीपन लगने लगेगा और पेंसिल हिलने लगेगी। हाथ में रखी पेंसिल खुद ही कागज पर चलनी शुरू हो जाएगी और लिखित या कहे गए प्रश्नों के उत्तर देने लगेगी है।

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